बिहार दिवस सब साल २२ मार्च क मनायल जायत अछी, ई बिहारक स्थापना दिवस थीक. अहि दिन बिलायती सरकार १९१२ ईशा में बंगाल स पृथक ईगो राज्य बनेलक जेकर नाम भेलई बिहार, तैं एखनुक बिहार सरकार प्रति वर्ष २२ मार्च क बिहार दिवसक छुट्टी दैत अछि. बिहार कोनो प्रकारार भाषा अथवा सांस्कृतिक आधार पर बनायल गेल प्रान्त नहीं छैइ, एकरा मात्र ब्रिटिश सरकार अपन प्रशासनिक सुविधा लेल बंगाल स अलग केलक, एकर राष्ट्रीयता पर सीधा प्रभाव ई परलइ जे लोकक स्वतंत्रताक वास्ते आपसी सम्बन्ध बेसी दिन तैक नहीं बनल रहल. एहि कारणे स्वतंत्रताक संग्राम में बिहार क्षेत्रक योगदान नगण्य लागैत अछि. किछु सम्पादक आपसी वैमनस्यता बढेबाक लेल बंगाली द्वारा बिहारी के शोषण के पृथक राज्य बनेबाक कारण कहैत छथि आ ई बात सोलहो अन्ना गलत अछि. आई जदि बिहारक क्षेत्र बंगालक संगे रहैत त शिक्षा, इत्यादि में हम सब मिली क विश्व में नाम करितों.
बिहार दिवस समस्त बिहार में लोक सब नहीं मनेलैथ, सरकार विज्ञापन के द्वारा मनबेलैथ, कारण ई छल जे बिहार दिवस मनेबाक कोनो औचित्य नहीं अछि.
- बिहार राज्य बिटिश सरकार द्वारा १९१२ में प्रशासनिक आर राजनैतिक सुविधा के देखैत बनाओल गेल.
- बिहार राज्यक गठन में बिहार वासिक कोनो सहमती नहीं छलनि .
- बिहार राज्यक पुनर्गठन के आवश्यकता रहै स्वतंत्रताक बाद, मुदा नहीं कैयल गेल. लोक सब के अतेक दरिद्र बनाबक चेष्टा कयल गेल जाही स केव अबाज़ नहीं उठा सकैथ.
- बिहार के एगो मिश्त्रित प्रान्त बना क छोराल गेल जेकर अपन गर्व करलेल कोनो महान इतिहास नहीं .
- बिहारक पूनार्गाथा संसकृतिक आधार पर होयबाक चाहि छल , जेना आर प्रान्त सब के भेल अछि .



